अनिरबन पाल के अनुभव

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अनिर्बन, एक आईटी प्रोफेशनल हैं ,जिनको १७ नवंबर २०१४ में सुषुम्ना क्रिया योग साधना कोठी में दीपोत्सवं पर ,हैदराबाद में प्रशांति जी द्वारा दीक्षा मिला।
अनिर्बन एक क्रानिक अवव्यवस्था से पीड़ित थे जिसे अल्सरेटिव कोलाइटिस कहा जाता है। यह आंत का एक क्रानिक सूजन संबंधित ऑटोइम्यून डिसऑर्डर है, यानी, बृहदान्त्र और मलाशय प्रभावित होता है जिससे पेट में कैंसर के विकास का खतरा बढ़ जाता है।
अल्सरेटिव बृहदांत्रशोथ बृहदान्त्र और मलाशय की अंदरूनी परत के साथ सूजन और अल्सर का कारण बनता है। इस अल्सर से रक्त स्रावी होती है ,खूनी दस्त, पेट में ऐंठन, दर्द और टेनेज़्मस के रूप में प्रस्तुत होता है। इन अल्सर से रक्तस्राव और बार-बार दस्त से कुपोषण और वजन में कमी का कारण बनता है कई बार रक्त आधान की आवश्यकता होती है। इस स्थिति में आम तौर पर जीवन भर रोगसूचक उपचार या डिसिलिटेटिंग सर्जरी के अलावा कोई स्थायी इलाज नहीं होता है जैसे अनिर्बन में केवल विपरीत आंत्र का एक सीमित खंड शामिल हुआ था।
सुषुम्ना क्रिया योग का अभ्यास करने के १० दिनों से भी कम समय में, अनिर्बन अपने सभी अल्सरेटिव कोलाइटिस लक्षणों से मुक्त हुए। उनका रक्तस्राव पूरी तरह से रुक गया। वह टेनज्मस, पेट दर्द और ऐंठन से मुक्त हो गये। उनके सामान्य स्वास्थ्य में धीरे-धीरे सुधार हुआ। वह सक्रिय हो गये और अपना खोया हुआ वजन वापस पा चुके। केवल १० दिनों के भीतर अल्सरेटिव कोलाइटिस से ठीक हो जाना,जो कई दवाइयाँ लेने पर भी लंबे समय तक स्थायी रूप में बिना किसी उपाय या समाधान के बावजूद, एक जादुई चिकित्सा विकास हुआ, जो कि परमगुरु श्री भोगनाथ सिद्धार जी, महान क्रिया योग गुरु महावतार बाबाजी और हमारे प्रिय पूज्य गुरु श्री आत्मानंदमयी माताजी के कृपा के कारण हुआ ।
हमारे गुरुओं को आत्म समर्पण के साथ उनके पवित्र चरणों को मेरा प्रणाम। ओं श्री गुरुभ्योनमः।

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