21 मिनुत सुषुम्ना ध्यान प्रक्रिया

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यह २१ मिनट की तरकीब आपके शरीर को पवित्र करके शरीर में शक्ति प्रकंपन पैदा करती हैं।यह भौतिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक पवित्रीकरण है।

आइए शुरू करें : पूरी तरह विश्राम स्थिति में रहें। शांत जगह पर बैठें। घड़ी में २१ मिनट का अलार्म लगायें ।अपनी पीठ की हड्डी सीधी रखकर आराम से बैठें।

अपनी हाथों कि उँगलियाँ को योग मुद्रा में रखें ,जैसे नीचे दिखाया गया।
अपने आँखों को बंद करके ओंकार का उच्चारण २१ बार करें।
उच्चारण करते समय अ-कार से, म-कार, लंबी उच्चारण करें। ‘अ ‘- ‘अ अ उ म म म म’।
१४  बार अच्छे भाव से गहरी लंबी साँसें लें। साँस अंदर लेते समय आपके भाव ऐसे होने चाहिए कि, आप अच्छाईयाँ अपने अंदर ले रहें हैं और जब साँसों को छोड़ रहें तो ,आपकी सोच ऐसी होनी चाहिए कि शरीर के अंदर कि बुराइयाँ आप बाहर निकाल रहें हैं।

अच्छाइयाँ-सकारात्मक सोच – स्वास्थ्य, ऊर्जा, शांति आदि।
बुराइयाँ -नकारात्मक सोच – अनारोग्य,अशांति ,तनाव आदि।

आहिस्ता अपने बंद आँखों से दृष्टि को भ्रूमध्य यानि भौंहों के बीच लेकर, विचारशून्य स्थिति में रहें, जब तक अलार्म बज न जाएं।
तब अपने दोनों हथेली को रगड़कर अपने आँखों पर रखकर, ध्यान स्थिति से आहिस्ता से बाहर आऐं।

आप इस क्रिया को दिन में दो बार अभ्यास कर सकते हैं।जिससे आप अच्छे परिणाम प्राप्त करेंगे, जिसके कारण आपको ताज़ा महसूस होगा एवं रोज़ के गतिविधियों को आराम से निभा सकते हैं।

अगर आप भीड़ में हो तो,आप शांति से मन में ओंकार का उच्चारण कर सकते हैं।

यह तरकीब ,आपका रोज़ की ऊर्जा का स्त्रोत है और सारे प्रपंच के अध्ययन ने यह साबित किया कि ध्यान अभ्यास हममें शांति एवं तनाव मुक्त करता है  ,जिससे मनुष्य संपूर्ण भलाई प्राप्त करता है।

क्यों और कैसे यह तरकीब प्रभावशाली है?

यह तरीका इसलिए प्रभावशाली है ,क्योंकि ये चार प्रकार कि ध्यान प्रक्रियाओं का समग्रता रूप है।
मुद्रा ध्यान ,मंत्र ध्यान ,श्वासन ध्यान एवं तीसरी आँख ध्यान। यह तरकीब बहुकार्य करता है जैसे, एक एप से आपको कुछ ही टाइम में ज्यादातर फायदेमंद हो।

शुरू करीए और अपने परिणामों को ट्रेक करें। वास्तव में आप चकित हो जाएंगे।।

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